(iv) इस प्रकार के व्यंजकों को सर्वप्रथम के फलन के रूप में व्यक्त करते हैं। इसके बाद अनिर्धारित रूपों आदि को हटाने के पश्चात् को शून्य से प्रतिस्थापित करते हैं।
Step 1 : सर्वप्रथम व्यंजक को परिमेय फलन अर्थात् के रूप में लिखते हैं।
Step II : यदि अंश तथा हर दोनों में की अधिकतम घात है, तब अंश तथा हर के प्रत्येक पद को से भाग देते हैं।
Step 111 : इसके पश्चात् परिणाम , जहाँ का उपयोग करते हैं।
Note : : यदि धनात्मक पूर्णांक है तथा अर्थात् अशून्य वास्तविक संख्यायें है, तब
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